मोबाइल ने हमसे क्या छीन लिया? The Untold Reality of Smartphone Use

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मोबाइल ने हमसे क्या छीन लिया? The Untold Reality of Smartphone Use What Did the Mobile Take From Me? – Ek Soch, Ek Sach, Ek Reality Check By Rajan Kumar Aaj ka zamana digital hai. Smartphone hamare haath ka extension ban chuka hai. Subah uthte hi mobile, raat ko sone se pehle bhi mobile. Life easy ho gayi hai, fast ho gayi hai… but ek sawal zaroor uthta hai: “What did the mobile take from me?” Yeh blog ek emotional reflection hai—thoda English, thoda Hindi—kyunki hamari life bhi ab aisi hi ho gayi hai: mixed, fast, aur kahin na kahin disconnected.   1. Bachpan (Childhood) – Lost in Screens Pehle bachpan ka matlab hota tha gully cricket, pakdam-pakdai, cycling, mitti mein khelna. Aaj ke bachche? Mobile screen ke saamne. Cartoons bhi TV pe nahi, YouTube pe. Dost bhi real nahi, online gaming wale. Sach yeh hai: Mobile ne bachpan ki innocence aur outdoor joy chheen li.   2. Sports and Games – मैदान से मोबाइल तक Outdoor sports ka craze kam ho gaya. Cricket, fo...

SAFETY /सेफ्टी /सुरक्षा /बचाव

                                                             सेफ्टी /सुरक्षा /बचाव 
देश में कई बार ऐसा देखा गया है की घटना घटने के बाद ही लोग नींद से जागते है..? जब तक कुछ अनहोनी न हो तब तक लोग बेफिक्र रहते है।  आज देश और हम-आप जैसे लोग  ही इसके शिकार है! देश ने ऐसी कई त्रासदी देखी है कोरोना विषाणु, बाढ़ , भूकंप, आग , गैस के रिसाव ,एक्सीडेंट, आतंकवादी हमला   इत्यादि ऐसे कई त्रास्दी  है जो इस देश ने झेला है , लेकिन कब तक    ....... ?
आज पूरा विश्व कोरोना विषाणु की चपेट में है , और लोग रोज मर रहे है.... क्यों की इसका ईलाज हमारे पास नहीं है.., आज पुरे विश्व में जो सबसे महाशक्तिशाली देश अमेरिका भी अछूता नहीं रहा ,वहा  भी लोग मर रहे है कोरोना विषाणु से  ,क्यों हम लोग आज में जीते है...कल की कोई नहीं सोचता? 





बाढ़ की तस्वीर


कोई प्लानिंग नहीं एडवांस में  अगर वर्षा /बारीश ज्यादा हो जाये तो शहर की नालियों का पानी कैसे निकलेगा? नदियों के बांध मजबूत है की नहीं  ? जब शहर और गांव में बाढ़ आ जाती है तब हमलोग नींद से जागते है !

आज कई बार देखने को मिलता है की केमिकल /पटाखे की फैक्ट्री में आग लग गयी लेकिन सेफ्टी की कोई साधन नहीं कई लोग बेचारे मारे जाते है।
ऐसे कई जगह है जहा हमेशा दुर्घटना घटती है और हम  हाथ पर हाथ रखे रह जाते है, आज सभी फैक्टरी में सेफ्टी सामग्री मौजूद होती है लेंकिन  फिर भी घटना घाट जाती है....
क्यों की सावधानी हटी , दुर्घटना घाटी ये सही वाक्य है
जैसे आज कई ऐसे त्राश्दी  है जिससे हम जूझ रहे है......
१ कोरोना विषाणु ( बीमारी जैसे स्वाइन फ्लू  एड्स ,कैंसर )
२ बाढ़
३ आग
४ दुर्घटना ( रेल और सड़क )
५ रसायनिक गैस
६ भूकंप
७ तूफान
८ आतंकी हमला
९ भुखमरी
१०  प्रदूषण
अब समय आ गया है हमें खुद को बदलने का और खुद से इन सभी चीजों से बचाव भी करना है इस के लिए एक जागरूक नागरिक बने और आग्रिम ( पहले से ) तयारी कर के रखे....

१) जैसे कोई विष्णु अटैक उससे लड़ने का वैकसीन पर काम करते रहना चाहिए( सरकार को) ,  और साथ में खुद की सुरक्षा का ख्याल रखे और  सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन करे।
२) बाढ़ आ गयी तो घर/शहर  पूरा डुब  जाता है, इस लिए शहर और गांव बसाने से पहले पूरा एक रोड मैप बनाना चाहिए की बाढ़ का  पानी कैसे बहार जाये! नदियों को बांधकाम मजबूत बनाना चाहिए।
३) आग लगाने पर सेफटी सामाग्री और स्टाफ सतर्क रहे और आग लगाने से रोके ,इसके लिए एक टीम का गठन करे और सेफटी टिप्स का पालन करे
४)  दुर्घटना इसके लिए शतर्कता की बहुत आवश्यकता है चाहे रेल हो या रोड नियम का पालन करे
५) रासायनिक गैस का रिसाव रोकने के लिए ,सबसे पहले ऐसी कंपनी को अलग से जगह दी जाये जहा २० किलोमीटर के दायरे में कोई मानव जाती या जानवर न रहते हो।
६) भूकंप से बचने के  लिए गृह /भवन का निर्माण करते वक़्त ही मजबूत और भूकंप रोधी बनाये , ताकि भूकंप को झेलने की शक्ति हो।
७)  अंधी - तूफान से बचने के लिए घरो और छतो का निर्माण मजबूत करे ,रोड पर जितने भी बिजली के तार है उनको अंडरग्राउंड करे ताकी आंधी-तुफानो से बच सके
८)  आतंकी हमला सिर्फ हमारे बिच के कुछ बेईमानो की वजह से होते है देश में ,नहीं तो मजाल है की बिना हमलोगो की जानकारी के कोई आतंकवादी हमारे देश में घुस सके ?
९)  भुखमरी की समस्या अगर देश के सभी जनता अगर अपने आस पास के लोग जो भूखे है सिर्फ उनकी मदत कुछ दिन खाने और फिर कही उनकी रोजगार का मुहैया करा दे तो कोई भी नहीं भूखे मरेगा।
१०) प्रदुषण आज बहुत बड़ी समस्या है गाड़ी, फैक्टरी ,के धुवा से जो प्रदूषण फ़ैल रहा है उससे आज हमलोगो को श्वास लेने में तकलीफ होती है , इसलिए प्रदुषण करने वाले फैक्ट्री और गाड़ी की लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए।  देश के हर नागरिक अगर सप्ताह में एक -दो दिन अपनी गाड़ी का स्तेमाल न करे तो काफी हद तक हम प्रदूषण को काम कर सकते है।
इस लिए खुद से आगे आये और सहभागी बने देश को समृद्ध बनाने में

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