How to Handle Doctor Objections in Real Visits

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How to Handle Doctor Objections in Real Visits In the world of pharma sales marketing, every Medical Representative (MR) and Area Business Manager (ABM) knows that doctor calls are the most critical part of their daily routine. Yet, one of the biggest challenges faced during these visits is handling doctor objections. A question from a doctor can either build your credibility or expose your lack of preparation.  Drawing from the 26 years of experience of Mr. Rajan Kumar in pharma sales and marketing, this article explains how to handle doctor questions effectively and why product knowledge is the foundation of success.  Listen First, Reply Later The first golden rule is simple: listen carefully. Many representatives rush to answer without fully understanding the doctor’s concern. This impatience often leads to incomplete or incorrect replies. Mr. Rajan Kumar emphasizes that before speaking, you must pause , absorb the question, and ensure you understand it clearly. Doctor...

अगर जिंदगी में आगे बढ़ना है..... तो खुद को...

 जी हा मित्रो ब्लॉग का हेडलाइन आपने बिलकुल सही पढ़ा है, आज भाग दौड़ की जिंदगी में किसी को किसी के लिए फुर्सत नही है या बोले टाइम नही है। हम बस रोज की खुद की जरूरत को पूरा करने में लगे है और भाग दौड़ में व्यस्त है! 



फिर आपको आपकी मंजिल कैसे मिलेगी? आपके सपने कैसे पूरा होंगे? क्या आपने आपने फैमिली को सिक्योर कर दिया है आपके रिटायरमेंट के बाद कैसे घर चलेगा?

क्यू की आज आप खुद को समय नहीं दे पा रहे है, तो फिर आप कैसे अपने सपने को पूरा करेंगे?, कैसे अपने मंजिल तक पहुंच पाएंगे?

"No one saves us but ourselves. No one can, and no one may. We ourselves must walk the path."

-  Gautama Buddha.

इसके लिए मैं आपको बताता हु आप खुद को आइसोलेट ( Isolate) करे! और पूरा समय खुद को दीजिए। अगर आपको अपनी मंजिल तक पहुंचना है तो आपको आइसोलेट ( गृह विल्गीकरण) करना ही पड़ेगा। और खुद के अपर पहले फोकस करना पड़ेगा की आपको जीवन में क्या करना है, कैसे करना है और कब करना है. कहा क्या कमी रह गयी है उसे सुधार करने का इससे बेहतर मौका आपको नहीं मिलेगा।  होम आइसोलेशन में क्या करे क्या न करे.... 



१ खुद पर ध्यान दे और दिमाग पर फोकस करे की क्या करना है... क्यों की सुबकसिउस ऑफ़ माइंड  आप जो सोचेंगे वही होगा. इस लिए हमेशा पोसेटिव  सोचे 

२ अनवांटेड फ़ोन कॉल बिलकुल ना ले, उससे आपका माइंड डाइवर्ट होता है. इसलिए फ़ोन सिर्फ उनका ही ले जहा से आपको कोई नेगेटिव बाते सुनाने को ना  मिले. क्यों की एक फ़ोन कॉल, एक टेक्स्ट मेसेज  पूरी आपका मूड ख़राब/  अच्छा कर सकता है। 

३ काम से काम ३ महीने के लिए सेल्फ आइसोलेशन में रखे, और हमेशा पोसेटिव सोचे। 

४ एक बेंच मार्क निर्धारित करे अपने लक्ष्य को और घर में दिवार पर लिख कर चिपका दे, ये हमेशा आपको याद दिलायेगा की आपको क्या करना है और आपका टाइम पीरियड। 

५  सिर्फ सोचने  तरीका बदल दो दोस्त ,क्यों की सब आपकी सोच और दिमाग पर ही निर्भर करता है , अगर एकबार आपने सोच लिया तो जरूर आपक कर सकते है। 

६ नकारात्मक लोगो से बिलकुल भी न मिले, नहीं तो आपकी सोच और दिशा को भ्रमित कर देंगे।  इसलिए एक कहावत है  आप किसके साथ रहते हो ,घूमते हो, ज्यादा समय गुजरते हो आप बिलकुल वैसा ही बनोगे। 

७ इस दुनिया में सभी लोग सिर्फ अपने   मतलब से ही जुड़े है  आपके साथ। आप सिर्फ खुद को अलग कर  के देख लो लोग १-२ बार ही पूछेंगे फिर भूल जायेंगे आपको। 


इसलिए अब समय आ गया है खुद की पहचान को खुद तलाश करो अपने अंदर , और क्या बनाना है उसपर फोकस करो. 

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