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Showing posts from January, 2022

Medical Representative Success Mantra | Contribution Before Change – Rajan Kumar

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Medical Representative Success Mantra | Contribution Before Change – Rajan Kumar In the pharmaceutical industry, the role of a Medical Representative (MR) is often seen as the stepping stone to bigger opportunities. Many professionals believe that changing companies frequently is the fastest way to climb the ladder. However, seasoned leaders like Rajan Kumar emphasize a deeper truth: success is not about how many companies you join, but about how much you contribute before you move on. Why Contribution Matters More Than Change Every company invests in its medical representatives—through training, resources, and opportunities. Before considering a switch, an MR should ask:  “ What have I given back to my current company ?”  - Performance over presence : Simply being employed is not enough. Contribution is measured in sales growth, doctor relationships, and market expansion.  - Trust and credibility : Doctors and chemists value consistency. Frequent changes withou...

क्या आप एक दिन बिना इंटरनेट के रह सकते है..?

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क्या हमलोग सिर्फ एक दिन बगैर इंटरनेट  रह सकते है........ ? बड़ा अजीब सवाल शायद आपको लगता होगा! क्यू की आज की सोशल मीडिया लाइफ  में सिर्फ और सिर्फ दिखावे के जिंदगी हम लोग जी रहे है? आज इंटरनेट इतना हावी हो गया है हमारे दिलो दिमाग पर की कोई  कही भी रहे  इंसान हमेशा मोबाइल में व्यस्त रहता है , और आज इस सोशल मीडिया वजह से आपसी प्रेम भाव काम हो गए है।  इंसान घर में भी आ कर मोबाइल में व्यस्त रहता है पति-पत्नी अपने अपने मोबाइल में सिर्फ सोशल मीडिया पर व्यस्त रहते है खुद की आँख ख़राब करते रहते है और गर्दन का दर्द बढ़ाते है सिर्फ मोबाइल की वजह से।  आज टेक्नोलॉजी का जमाना है अच्छी बात है पर इतना न की आप पूरी दिन उसमे ही व्यस्त रहो?  आज सोशल मीडिया के इतने प्लेटफार्म है की वो आपको व्यस्त कर के लाखो करोड़ रूपए कमाते है और आप  आपने अपना समय-सम्बन्ध   गवाते है ! सोशल मीडिया आने के बाद अपनापन खत्म हो गया है! पहले लोग शादी-व्याह का पत्रिका देने दूर-दूर तक अपने रिश्तेदार और दोस्त  के घर जाते थे और अब सीधा व्हाट्सएप्प पर भेज देते है! क्या यही ह...

रिश्तों का विटामिन!The Vitamin of Relationships

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 राजन कुमार आपके लिए एक रिश्तों का विटामिन  लेकर आया है। आपने सही पढ़ा आज का हेडलाइन रिश्तों का विटामिन! आपने देखा होगा और महशूस भी किया होगा कई बार इंसान का शरीर बीमार पड़ जाता है तब है हम  औषद /दवाईयां विटामिन लेते है और हमारा शरीर स्वस्थ हो जाता है। लेकिन ये मन का बीमारी कैसे ठीक करे! क्यू की शरीर को विटामिन की जरूरत है। हमारे मन का रोग /दिल/ दिमाग का ऐसा कौन सा तार है जो इस बीमारी को ठीक कर दे...! काश कोई ऐसा मशीन होता जो सीटी स्कैन कर के बता दे की हा यहां पर प्रॉब्लम है तो हम लोग या डॉक्टर उस बीमारी का सही इलाज कर सके! लेकिन ऐसा कोई मशीन ही नहीं जो हमे बता सके। साइंस के काफी प्रगति की है लेकिन ये मन का रोग आज तक बता नही सकी। पिछले २ सालो में आपने देखा होगा इस पैंडेमिक सिचुएशन में कई लोगो का लाइफ बदल गया है जैसे फाइनेंशियल प्रॉब्लम, रिश्तों में खटास, ऐसे कई प्रॉब्लम आए है जिससे इंसान के रिश्ते में स्ट्रेस काफी आया है।  आज हमारे The Vitamin of Relationships सुख का कारण भी मन ही है और दुख का कारण भी मन है , ये। कुछ कुछ रिश्तों में विटामिन की आज जरूरत है। और समय सम...

अगर जिंदगी में आगे बढ़ना है..... तो खुद को...

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 जी हा मित्रो ब्लॉग का हेडलाइन आपने बिलकुल सही पढ़ा है, आज भाग दौड़ की जिंदगी में किसी को किसी के लिए फुर्सत नही है या बोले टाइम नही है। हम बस रोज की खुद की जरूरत को पूरा करने में लगे है और भाग दौड़ में व्यस्त है!  फिर आपको आपकी मंजिल कैसे मिलेगी? आपके सपने कैसे पूरा होंगे? क्या आपने आपने फैमिली को सिक्योर कर दिया है आपके रिटायरमेंट के बाद कैसे घर चलेगा? क्यू की आज आप खुद को समय नहीं दे पा रहे है, तो फिर आप कैसे अपने सपने को पूरा करेंगे?, कैसे अपने मंजिल तक पहुंच पाएंगे? "No one saves us but ourselves. No one can, and no one may. We ourselves must walk the path." -  Gautama Buddha. इसके लिए मैं आपको बताता हु आप खुद को आइसोलेट ( Isolate) करे! और पूरा समय खुद को दीजिए। अगर आपको अपनी मंजिल तक पहुंचना है तो आपको आइसोलेट ( गृह विल्गीकरण) करना ही पड़ेगा। और खुद के अपर पहले फोकस करना पड़ेगा की आपको जीवन में क्या करना है, कैसे करना है और कब करना है. कहा क्या कमी रह गयी है उसे सुधार करने का इससे बेहतर मौका आपको नहीं मिलेगा।  होम आइसोलेशन में क्या करे क्या न करे....  १ ...

सोशल मीडिया और हम......!

सोशल मीडिया और हम......! आज कल सोशल मीडिया पर आने और छाए रहने के लिए हर कोई चाहता है, क्यू ना पुरुष,स्त्री,बच्चे और बूढ़े सभी लोग आज कल अपने आप को सोशल मीडिया पर देखना चाहते है। आखिर क्यों ये लोग सोशल मीडिया का सहारा लेते है? क्यू घंटो घंटो मोबाइल से चिपके रहते है? क्यू ये लोग खुद को इतना बयास्त दिखाते है? कभी आपने सोचा है!  ये लोग खुद को समाज में अकेला पन महाशुस करते है इसलिए इनको एक ही सहारा मिलता है और है सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे इंस्टाग्राम ,फेसबुक और WhatsApp। ऐसे लोगो की दिमागी सोच होती है हर कोई उनसे बात करे, है कोई उन्हें प्यार करे, हर कोई उनकी बातो को उनकी भावनाओं को सुने और समझे। लेकिन आज किसी को इतना समय नहीं है की उनकी या उनका कोई सुने ,इसलिए ये लोग सोशल मीडिया का सहारा लेते है और खुद का कैरियर और जिंदगी बर्बाद कर लेते है। आज भाग दौड़ की जिंदगी में लोग इतने व्यस्त है की पतीज पत्नी और खुद के बच्चे में संवाद नही हो पाता, पति का दुख पत्नी को सुनने का समय नहीं है, तो पत्नी का दर्द पति को सुनने का समय नहीं है। आज उनके बच्चे बड़े हो रहे है लेकिन उनके स्कूल , कॉलेज का क्या ...