PartuZen: India’s First Dedicated Postpartum Wellness Product

PartuZen: India’s First Dedicated Postpartum Wellness Product Postpartum care has long been overlooked in India, where the focus traditionally remains on pregnancy and childbirth. Recognising this gap, Rajan Kumar designed a unique marketing strategy and scientific literature booklet to introduce PartuZen, the first Indian product dedicated to comprehensive postpartum wellness.   The Vision Behind PartuZen Rajan Kumar understood that women’s recovery after childbirth is not just physical but also emotional and hormonal. His strategy was simple yet powerful: combine scientific credibility with empathetic communication. Instead of presenting the product as just another supplement, he positioned PartuZen as a companion for mothers rediscovering strength.   Marketing Strategy Idea The campaign focused on three pillars:   - Education: Distributing booklets with references from global journals to build trust.   - Empathy: Using visuals of mothers and ba...

हमारे सफलता की रूकावटे

हमारे सफलता की रूकावटे

हम मिडल क्लास के लोग ज्यादातर बाते करते है लेकिन कभी उस बातो को implement नही करते और सिर्फ अपने कर्मो पर रोते है की मेरे नसीब में यही था like that's!  आज अपने देश में ही कई ऐसे लोग है जो जीरो से हीरो हो गए है ,कई ऐसे कई नाम है उदाहरण के लिए स्वर्गीय श्री धीरूबाई अंबानी , अदानी ग्रुप, मार्क्जूबर्ग फेसबुक के मालिक ऐसे कई नाम है लेकिन आप बोलेंगे ये बड़े लोगो का नाम है  ऐसे कई लोग आपके आस पास भी है जो कड़ी मेहनत से अपने ड्रीम को फोकस कर के काम किया और सफलता हासिल की।
लेकिन हम मिडल क्लास के लोग सिर्फ खुद में खुश रहना चाहते है आगे का कभी नही सोचते!


हम बाते जरूर करते है की बहुत ज्यादा मेहनत करना है और ये करना है वो करना है... लेकिन वो सिर्फ बाते ही रह जाती है जैसे की...
मान लो आप जिस भी संस्थान में काम कर रहे है अगर आपके cycle meeting का डेट आया और इतेफक से वही दिन आपका बर्थडे आ गया तो कुछ लोग छूटी ले लेते है की बर्थडे है
जैसे की...
१ बर्थडे
२ शादी की सालगिरह
३ रिश्तेदार की शादी
४  दूर के रिश्तेदार की मृत्यु
५ पड़ोसी के घर शादी
ऐसे न जाने कई कारण बताकर ये लोग अपने इंपोर्टेंट मीटिंग सेमिनार को छोड़ देते या छूटी लेकर घर पर रहते है! और ये यही सबसे बड़ी रुकावट है उनकी जिंदगी और करियर का! क्यू की हमलोग भावनाओं में इमोशनल से भरे पड़े हुए है।

१) अगर आपका बर्थडे है तो बर्थडे दिन भर मनाओगे या रात को केक कटिंग करोगे?? 
२) अगर शादी की साल गिराह है पूरा दिन साल गिराह की केक काटोगे या रात को ?
३) अगर कोई दूर के रिश्तेदार का अचानक मृत्यु हो गई तो नजदीक है तो जाकर १-२ घंटे में वापस  नही आ सकते? या जल्दी से कार्य निपटा कर शाम को नही जा सकते??

मैं ये नही कहता हु की ये सभी कार्य मत करो लेकिन जरूरी क्या है उसको प्रधान ( प्रायोरिटी) दो। हमेशा प्राइमरी कार्य को महत्व दो ना की सेकेंडरी कार्य को?
क्यू की आपकी जिंदगी और करियर की सबसे बड़ी  रुकावट ये एक्सक्यूज है ।
मैने एक टॉप क्लास कंपनी के लेडी सीआईओ को देखा है खुद की डिलीवरी के ३ दिन ही वो बोर्ड मीटिंग को पहुंच गई! 
आज कई लोग है अपने फील्ड के जो कम उम्र में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव से सेल्स मैनेजर, जनरल मैनेजर वाइस प्रेसिडेंट की पोस्ट पर पहुंच चुके है। क्यू की वो लोग आपने कार्य को टॉप प्रायोरिटी पर रखते है थोड़ा फैमिली लाइफ को sacrifice करते है।
जिसदिन आप जो सोचते है उसे सिर्फ अमल कर के देखो आपको कोई नही रोक सकता आपकी मंजिल से, लेकिन हम ४ कदम चलते जरूर है लेकिन फिर ३ कदम पैर पीछे ले लेते है ये कुछ कारण से।
इसलिए जिंदगी में अगर आगे जाना है थोड़ा sacrificed करना पड़ेगा।
कुछ किये बिना ही जय जयकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

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