PPROM in Pregnancy: Can Nutraceuticals Help Protect Mothers and Babies?

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PPROM in Pregnancy: Can Nutraceuticals Help Protect Mothers and Babies? Pregnancy is a delicate journey, and every stage brings unique challenges. One of the most serious complications is PPROM (Preterm Premature Rupture of Membranes) — a condition where the amniotic sac breaks before 37 weeks of gestation. This sac holds the amniotic fluid that cushions and protects the baby. When it ruptures too early, the fluid leaks, exposing both mother and child to risks such as infection, premature labor, and neonatal complications.   🌼 What is PPROM? PPROM occurs in about 3% of pregnancies and is responsible for nearly 30–40% of preterm births. The exact cause is often unclear, but risk factors include infections, previous preterm deliveries, smoking, poor nutrition, and cervical or uterine abnormalities. Symptoms usually involve a sudden gush or continuous leak of fluid from the vagina, which is not controllable like urine. Immediate medical evaluation is essential.   🧪 Ho...

Low Back Pain Exercise in Hindi

                 लो बैक पेन एक्सरसाइज! Low Back Pain Exercise in Hindi



कमर दर्द की समस्या को दूर करने के लिए योग और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यहां बताए गए सभी आसन आराम से करने की कोशिश करें। अगर आप इसे जोर-जबरदस्ती या झटके से करेंगे तो समस्या और भी बढ़ सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में।

1. 1.बटरफ्लाई पोज  ( Butterfly pose)योग एक ऐसा विज्ञान है जिससे गंभीर से गंभीर रोग भी ठीक हो सकते हैं। लेकिन इसके अच्छे परिणाम तभी मिलते हैं जब आप इसे नियमित रूप से करते हैं। योग करने से ब्लड शुगर, बीपी, हार्ट, ब्रेन सब हेल्दी रहता है। इससे मन में नकारात्मक विचार भी नहीं आते हैं। आप दिन भर ऊर्जावान महसूस करते हैं


  1. अगर पुरुषों को थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं हैं तो उन्हें यह आसन शुरू करना चाहिए, इससे जल्द ही लाभ मिलेगा। साथ ही यह आपकी इम्युनिटी पावर को बढ़ाने में भी मददगार है।
  2. सबसे पहले अपनी योगा मैट बिछा लें, फिर घुटनों को मोड़कर पैरों को पेल्विस के पास ले आएं। ध्यान रहे कि आपके पैरों के तलवे आपस में जुड़े होने चाहिए। अपने दोनों पैरों को हाथों से कसकर पकड़ कर रखें। अब अपनी जांघों को तितली के पंखों की तरह ऊपर-नीचे करना शुरू करें।
    2 .सेतुबंध ( Bridge Pose) का अर्थ है पुल का निर्माण। ठीक यही आपको इस योग मुद्रा में करने की आवश्यकता है। ब्रिज पोज़, जिसे सेतुबंधासन या चतुर पादासन के नाम से भी जाना जाता है, आपके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के काम करने के लिए अधिक प्रभावी योगासनों में से एक है। साथ ही रोजाना ऐसा करने से आप पेट, कमर और कूल्हों की चर्बी को आसानी से दूर कर सकते हैं। इसके अलावा भी आपको सेहत से जुड़े कई फायदे मिल सकते हैं। आइए इस लोकप्रिय आसन से आपको मिलने वाले कुछ लाभों पर एक नज़र डालते हैं। लेकिन पहले इसे करने का सही तरीका जान लेते हैं।


  •  इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं, घुटनों को मोड़ लें और पैरों को फर्श पर सपाट रखें।
  •  घुटनों को कूल्हे-चौड़ाई से अलग रखें और टखनों को अपने कूल्हों तक फैलाएं।
  •  यदि आपका शरीर लचीला है, तो आप टखनों को पकड़ सकते हैं या हथेलियों को नीचे की ओर करके रख सकते हैं।
  •  पैरों और भुजाओं को फर्श पर दबाते हुए श्वास लें और अपने कूल्हों और छाती को ऊपर उठाएं।
  •  इसके साथ ही अपनी पीठ को झुकाएं और रीढ़ की हड्डी को फर्श से उठाएं।
  •  सुनिश्चित करें कि आपके कंधे और सिर फर्श को छू रहे हों।
  •  कुछ सेकंड के लिए इसी मुद्रा में रहें।
  •  जब आप निचली रीढ़ पर दबाव महसूस करते हैं तो आप इसे सही कर रहे होते हैं।
  •  साँस छोड़ें और धीरे-धीरे अपने कूल्हों को ज़मीन की ओर नीचे करें।
  •  आसन को कम से कम 4-5 बार दोहराएं।
3.कैट पोज करने के फायदे।(Cat pose)
यह खिंचाव आपकी रीढ़ को अधिक लचीला बनने में मदद करता है। इसके अलावा यह आसन रीढ़ की हड्डी को खींचने और मजबूत बनाने में भी मदद करता है। कैट पोज करने से आपके पेट की मांसपेशियों में भी खिंचाव आता है। जिससे पेट के सभी अंगों की अच्छे से मालिश हो जाती है। लेकिन हम योग आसनों में कैट पोज़ के बारे में चर्चा करते हैं। इस आसन को करना आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को अच्छा खिंचाव देता है। साथ ही कमर दर्द और गर्दन के दर्द में भी आराम मिलता है।

कैट पोज आगे की ओर झुकने और पीछे की ओर झुकने वाला योग आसन है। ऐसा करने से आपकी रीढ़ की हड्डी पर खिंचाव पड़ता है। यह खिंचाव आपकी रीढ़ को अधिक लचीला बनने में मदद करता है। इसके अलावा यह आसन रीढ़ की हड्डी को खींचने और मजबूत बनाने में भी मदद करता है।

4.बिटिलासन यानी गाय का आसन ( Cow Pose), इसे काउ पोज भी कहते हैं। मार्जरासन को बिल्ली की मुद्रा या बिल्ली की मुद्रा कहा जाता है। इस योगासन को करने के कई फायदे हैं। इससे आपकी रीढ़ की हड्डी और पीठ की मांसपेशियों में लचीलापन आता है और शरीर का दर्द भी दूर हो जाता है।
मार्गरी आसन या कैट-काउ पोज का नियमित अभ्यास शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। यह मुद्रा विशेष रूप से पेट के अंगों को खींचने के साथ-साथ पेट के अंगों के लिए चुनी जाती है। योग के अनुसार नियमित रूप से योगासनों को दिनचर्या में शामिल करना आपके स्वास्थ्य को अद्भुत हैशटैग दे सकता है। शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और शरीर की एकाग्रता में सुधार करने के लिए मार्जरी आसन का नियमित अभ्यास आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
कैट-काउ पोज का अभ्यास

कैट-काउ पोज का अभ्यास करना आसान है। शुरुआत में किसी विशेषज्ञ से सही तरीके की जानकारी लें। सबसे पहले दोनों घुटनों और दोनों हाथों को फर्श पर टिकाकर बिल्ली जैसी मुद्रा बना लें। जांघों को ऊपर की ओर सीधा करते हुए पैरों के घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बनाएं। अब लंबी सांस लें और सिर को पीछे की तरफ झुकाते हुए टेलबोन को ऊपर उठाएं। फिर सांस छोड़ते हुए सिर को नीचे झुकाएं और ठुड्डी को छाती से लगाने की कोशिश करें। इस प्रक्रिया को दोहराएं।

5. भुजंगासन ( Cobra Pose) दो शब्दों भुजंग और आसन से मिलकर बना है। अंग्रेजी में इस आसन को कोबरा पोज कहते हैं। इस योग में आपको अपने धड़ को सांप की तरह आगे की तरफ उठाना होता है। अगर आपको पेट से जुड़ी कोई समस्या है तो रोजाना भुजंगासन करें।

1. समतल और साफ जमीन पर दरी बिछाकर पेट के बल लेट जाएं और कुछ देर आराम करें।
2. समतल और साफ जमीन पर दरी बिछाकर पेट के बल लेट जाएं और कुछ देर आराम करें।
3. इसके बाद पुश अप पोजीशन में आकर शरीर के आगे के हिस्से को उठाएं।
4. इस आसन को अपने धड़ को आगे की दिशा में उठाकर करना है।
5. इस आसन में अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार रहें।
6. फिर वापस पहली अवस्था में आ जाएं। ऐसा रोजाना दस बार करें।
भुजंगासन के जबरदस्त फायदे
1. यह मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
2. कंधों और भुजाओं को मजबूत बनाता है।
3. शरीर में लचीलापन बढ़ता है।
4. तनाव और थकान को दूर करता है।
5. भुजंगासन दिल को स्वस्थ रखता है।
6. अस्थमा के लक्षणों में राहत।
7. निराकार कमर को पतला-सुडौल और आकर्षक बनाता है।
8. ऐसा रोजाना करने से हाइट बढ़ती है।
9. कमर दर्द से आराम मिलता है।

6. अधोमुख ( Facing Dog Pose)संवासन करने से आरोग्यता बनी रहती है।
 अगर शरीर को फिट रखना है तो एक्सरसाइज के साथ-साथ योग और आसनों को भी डेली रूटीन में शामिल करना जरूरी है। आज हम फिर से एक ऐसे आसन के बारे में बता रहे हैं, जिसे करने से न सिर्फ पैरों को मजबूती मिलती है बल्कि हाथों और कंधों को भी मजबूती मिलती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं अधोमुख श्वान मुद्रा की। यह आसन 3 शब्दों से मिलकर बना है - अधो, मुख और श्रवण। अगर इन तीनों के अर्थ की बात करें तो अधु का अर्थ है नीचे जाना, जबकि मुख का अर्थ है मुंह और श्रवण का अर्थ है कुत्ता।
7. टिड्डी मुद्रा के चरण (Locust Pose): शलभासन कैसे करें
1. शलभासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर योगा मैट या दरी बिछा लें।
2. अब इस पर पेट के बल लेट जाएं और अपने शरीर को सीधा और ढीला छोड़ दें।
3. अब सांस अंदर लेते हुए दोनों पैरों को जितना हो सके ऊपर उठाएं और साथ ही साथ छाती को भी ऊपर उठाएं।
4. शलभासन करते समय अपने दोनों हाथों को बांध लें और उन्हें कूल्हों के ऊपर समानांतर रखने की कोशिश करें।
5. जितनी देर हो सके इसी स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।
6. थोड़ा आराम करने के बाद इस प्रक्रिया को दोबारा दोहराएं।
नोट- शुरुआत में आप एक बार में एक पैर उठा सकते हैं। लेकिन दोनों पैरों को ऊपर उठाने की कोशिश करते रहें। बता दें कि शलभासन करने के कई तरीके हैं।
8. कपोतासन के फायदे( Pigeon Pose)
 कपोतासन एक खास योगासन है, जिसकी मदद से झूलते जोड़ों को अलग किया जा सकता है और साथ ही कमर के निचले हिस्से को कम किया जा सकता है। कपोतासन संस्कृत के दो शब्दों “कपोट” (कबूतर) और “मुद्रा” (आसन) से मिलकर बना है और अंग्रेजी में इसे पिजन पोज कहते हैं। कपोतासन योग आसन की एक सरल श्रेणी है, जो नौसिखियों के लिए है। लोग भी ऐसा कर सकते हैं। इस योग मुद्रा के कई शारीरिक और मानसिक लाभ हैं।

9. त्रिकालसन क्या है (Triangle Pose)
 इसी सोच को ध्यान में रखकर वैज्ञानिकों ने त्रिकोणासन बनाया है। यह आसन शरीर को तीन अलग-अलग कोणों से एक साथ खींचता है और पूरे शरीर के सामान्य दृश्य को बेहतर ढंग से पूरा करने में मदद करता है।
त्रिकोणासन समतल करने का एक बहुत ही आसान आसन है। यह आसन फाइलिंग स्टाइल का माना जाता है। ऐसा करने की अवधि 30 शीट बताई गई है। इसे रोजाना एक पैर से 3-5 बार दोहरा कर बनाया जा सकता है। त्रिकोणासन के नियमित अभ्यास से टखनों, जांघों और घुटनों को मजबूती मिलती है।इससे टखनों, कमर, जांघों, कंधों, घुटनों, कूल्हों, बछड़ों, हैमस्ट्रिंग, वक्ष और पसलियों पर खिंचाव पड़ता है।

इसके अलावा त्रिकोणासन का अभ्यास करने के और भी कई फायदे हैं। जैसा,
1. यह घुटनों, टखनों, पैरों, छाती और हाथों को मजबूत बनाता है।
2. यह आसन कमर, कूल्हों, हैमस्ट्रिंग, पिंडली, छाती, रीढ़ और कंधों को खिंचाव देता है।
3. यह शारीरिक और मानसिक स्थिरता को बढ़ाने में मदद करता है।
4. यह पाचन में सुधार करता है और पेट के निचले हिस्से के अंगों को उत्तेजित करता है।
5. यह कमर और साइटिका के दर्द को कम करने में भी मदद करता है।
6. त्रिकोणासन फ्लैट फिट, ऑस्टियोपोरोसिस, गर्दन का दर्द और नपुंसकता को दूर करता है।

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Frequently Ask Question :1 Can This Yoga exercise we get relief Low back Pain ?

Ans: Yes If You continue do this Yoga you will be perfect fit and Healthy .


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