How to Handle Doctor Objections in Real Visits

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How to Handle Doctor Objections in Real Visits In the world of pharma sales marketing, every Medical Representative (MR) and Area Business Manager (ABM) knows that doctor calls are the most critical part of their daily routine. Yet, one of the biggest challenges faced during these visits is handling doctor objections. A question from a doctor can either build your credibility or expose your lack of preparation.  Drawing from the 26 years of experience of Mr. Rajan Kumar in pharma sales and marketing, this article explains how to handle doctor questions effectively and why product knowledge is the foundation of success.  Listen First, Reply Later The first golden rule is simple: listen carefully. Many representatives rush to answer without fully understanding the doctor’s concern. This impatience often leads to incomplete or incorrect replies. Mr. Rajan Kumar emphasizes that before speaking, you must pause , absorb the question, and ensure you understand it clearly. Doctor...

10 POINT WHY I LOVE TO MY PARENTS /१० कारन है जो मै अपने माँ बाप से प्यार करता हु।

LOVE YOUR PARENTS: 
बिना माँ बाप के ज़िन्दगी भी क्या जीना यारो.... मेरे माँ बाप ही मेरा रोले मॉडल और हीरो है ,मुझे इस धरती पर जन्म देना वाला ही आज मेरा भगवन है।  अगर लोग आज कहेंगे की आपने कभी भगवन को देखा... तो मै  जरूर कहता हु, हा   देखा है मेरे लिए मेरा भगवन मेरा माता पिता है।
इस धरती पर अगर कोई आपको सच्चा प्यार करने वाला होगा तो वो आपके पेरेंट्स  . आज चाहे कोई कितना भी क्यों न कहे की वो आपसे प्यार करता है तो सिर्फ स्वार्थ के लिए आपसे प्यार करता है, लेकिन माँ बाप बिना स्वार्थ आपको प्यार करते है। 
10 POINT WHY I LOVE TO MY PARENTS /१० कारन है जो मै अपने माँ बाप से प्यार करता हु। .... 
१ माँ पिता के   जैसा कोई नहीं   हमारे जीवन में , जब धुप होती है और हमारे पास छाता  न हो तो माँ आपने अंचल से आपने बच्चे को छुपा लेती है। 

२  हम अपने माँ पिता जी के सैक्रिफिएड ( बलिदान ) कभी नज़र अंदाज नहीं कर सकते। 

३  माँ रोज सुबह सबसे पहले उठ कर हमारे लिए नाश्ता बनती है ,माँ के हाथो का बना खाना ,कही भी अच्छा  नहीं मिलता।

४  हमारे पेरेंट्स ( माता-पिता ) खुद की जिंदगी में बहुत ज्यादा समझौता करते है, हमारी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए। खुद एक समय न खा कर आपने बच्चे का भोजन का इंतजाम करते है 

५  मार्गदर्शक  ... आज माता पिता से बेहतर कोई नहीं है जो आपको सही मार्गदशन दे सके, क्यों की वो जो भी समझाते  है खुद के एक्सप्रिएंस /अनुभव से। 

६  सुभचिन्तक  ... इनके जैसा आज कोई भी इस दुनिया में शुभचिंतक  नहीं है जो सच्चे मन से दिल से आपकी शुभ चिंता करते है ... 
मेहनती... माँ बाप से ज्यादा कोई भी नहीं मेहनत करता इस दुनिया में, वो हमेशा अपने बच्चे के बेहतर भविष्य और अच्छी शिक्षा के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करते है ताकि उनके बच्चे को  तकलीफ न हो. 

८  मदतगार  ... माता पिता जैसा कोई नहीं हर जागह ,हर समय आपको मदत के लिए बिलकुल तैयार रहते है. 

दोस्त... आज इनके जैसा दोस्त कोई नहीं है बेटे के लिए बाप, तो बेटी के लिए माँ से बढ़कर कोई दोस्त नहीं होता। 
१० प्रेरणाश्रोत (रोले मॉडल )  आज मेरे जीवन में मेरे माता पिता के जैसा कोई भी नहीं है मेरे ज़िंदगी में मेरा प्रेरणाश्रोत 
आज अगर अपने माता पिता ( पेरेंट्स ) के बारे में लिखेंगे तो काम पड  जायेंगे हमें शब्द ,क्यों की आज जो इनका योगदान है शायद आज के बच्चे उनके जैसा कर पाये। आज भी मुझे यद् है जब हम छोटे थे और हम बीमार पड़ जाते तो माँ-बाप रात  भर नहीं सोते थे ,पूरी रात हमारे पास ही बैठे रहते थे। पर मै एक बात अवश्य कहूंगा, जिसके घर माँ - बाप साथ रहते है वो सुखी रहते है, आज कल के कुछ नौजवान खुद के माँ बाप को वृद्धा आश्रम में छोड़ देते है पर शायद वो भूल जाते है जैसी करनी.. वैसी भरनी... आगे चल कर वही चीज उनके बच्चे भी करेंगे। 
मेरी दुनिया में  इतनी जो शोहरत है... सिर्फ और सिर्फ  ... 
मेरे माँ - बाप के ही बदौलत है। 

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